ये नाम नहीं पहचान मेरी ये रिश्ता है बेनाम कोई। ये नाम नहीं पहचान मेरी ये रिश्ता है बेनाम कोई।
ज़िंदगी ने ज़िंदगी भर गम दिए, जितने भी मौसम दिए, सब नम दिए..... ... ज़िंदगी ने ज़िंदगी भर गम दिए, जितने भी मौसम दिए, सब नम दिए..... ...
हर कोई नहीं लिखता, क्योंकि हर किसी की ताकत नहीं कि हर कोई नहीं लिखता, क्योंकि हर किसी की ताकत नहीं कि
माँ पूछो ना उस अंकल को काँपती नहीं क्या रुह उसकी, रात के सन्नाटे में कभी याद आती है जब-जब मेरी बेब... माँ पूछो ना उस अंकल को काँपती नहीं क्या रुह उसकी, रात के सन्नाटे में कभी याद आ...
दर्द की घाटियों में डूबते उतरते जब भी कोई नाम पुकारा है। दर्द की घाटियों में डूबते उतरते जब भी कोई नाम पुकारा है।
सितारों का जहाँ भी तुम, चाँद तारे फूल सभी तुम। सितारों का जहाँ भी तुम, चाँद तारे फूल सभी तुम।